झारखंड में JSSC CGL Exam Cancelled होने के बाद भर्ती विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे थे। अब इसी फैसले के खिलाफ परीक्षा के जरिए चयनित और नौकरी पा चुके उम्मीदवार सड़कों पर उतर आए हैं।
सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी
रांची में बड़ी संख्या में चयनित उम्मीदवार और नियुक्त कर्मचारी राज्य सचिवालय के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारी मुख्य प्रवेश द्वार के पास जमीन पर बैठ गए और सरकार के फैसले के खिलाफ नारे लगाए।
इन कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता अपनी नौकरी को लेकर है। उनका कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पूरी की और उसके बाद सरकारी सेवा में नियुक्ति हासिल की। अब पूरी परीक्षा रद्द होने से उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, JSSC-CGL परीक्षा पास करने वाले करीब 2,000 उम्मीदवार इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।
छात्रों के आंदोलन के बाद आया फैसला
यह पूरा विवाद JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ था। छात्र लगातार निष्पक्ष जांच और विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
24 दिनों तक चले आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया। इसके साथ TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़ी चयन प्रक्रियाओं पर भी कार्रवाई की घोषणा हुई।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के फैसले के बाद अपना 16 दिन से जारी अनशन खत्म कर दिया और इसे छात्रों की बड़ी जीत बताया।
अब चयनित उम्मीदवार मांग रहे जवाब
सरकार के फैसले से जहां आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी सफलता मिली, वहीं पहले से चयनित उम्मीदवारों के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उनकी स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि उनकी नियुक्तियों का आगे क्या होगा। फिलहाल प्रभावित उम्मीदवारों के भविष्य को लेकर पूरी तस्वीर साफ नहीं हुई है।
इस तरह JSSC CGL Exam Cancelled होने के बाद झारखंड का भर्ती विवाद खत्म होने के बजाय अब एक नए चरण में पहुंच गया है।
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