झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। Jharkhand Recruitment Exams में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने JSSC-CGL को रद्द कर दिया है। इसके अलावा JPSC और JSSC से जुड़ी दर्जनों दूसरी भर्ती प्रक्रियाओं पर भी रद्दीकरण या जांच की कार्रवाई की गई है।
JSSC-CGL परीक्षा हुई रद्द
सबसे बड़ा फैसला JSSC Combined Graduate Level (CGL) परीक्षा को लेकर हुआ है। यह परीक्षा लंबे समय से विवादों में थी और छात्र कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे थे।
सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को लेकर भी कड़ा कदम उठाया है। रिपोर्टों के अनुसार, 2014 से इस एजेंसी से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं और प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।
इसके अलावा CID को कई पुरानी परीक्षाओं की जांच करने का जिम्मा दिया गया है। सरकार यह पता लगाना चाहती है कि भर्ती प्रक्रिया में कहां और किस स्तर पर कथित अनियमितताएं हुईं।
44 परीक्षाओं के आंकड़े का क्या मतलब?
कुछ रिपोर्ट्स में 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द होने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध ताजा जानकारी से पता चलता है कि सभी मामलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ परीक्षाएं सीधे रद्द हुई हैं, जबकि कई पुरानी भर्ती प्रक्रियाएं जांच के दायरे में हैं। इसलिए 44 परीक्षाओं को बिना इस अंतर के एक साथ “रद्द” कहना भ्रामक हो सकता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं JPSC PT और दो backlog परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा भी की थी।
सफल उम्मीदवारों की नौकरी पर संकट
JSSC-CGL रद्द होने से करीब 2,000 सफल उम्मीदवार प्रभावित हो सकते हैं। इनमें ऐसे उम्मीदवार भी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी जॉइन कर ली थी। फैसले के बाद उन्होंने रांची में विरोध प्रदर्शन किया और अपनी नियुक्तियों को लेकर स्पष्टता मांगी।
दूसरी तरफ, कथित परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिन की भूख हड़ताल भी समाप्त कर दी थी।
अब Jharkhand Recruitment Exams विवाद में सबसे अहम सवाल दोबारा परीक्षा, जांच के नतीजों और पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के भविष्य को लेकर है।
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