दिल्ली की राजनीति में आए बड़े भूचाल के बीच सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने Raghav Chadha समेत 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के लिए सीधे तौर पर AAP को जिम्मेदार ठहराया है।
“अगर पार्टी सही रास्ते पर होती तो नेता नहीं छोड़ते”
अन्ना हजारे ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी अपनी मूल विचारधारा पर कायम रहती, तो इतने बड़े स्तर पर नेता पार्टी नहीं छोड़ते। उन्होंने साफ कहा कि यह पूरी तरह से AAP की ही गलती है।
हजारे के इस बयान को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी की शुरुआत ही उनके आंदोलन से हुई थी।
राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का बड़ा कदम
हाल ही में Raghav Chadha ने AAP से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन कर ली। उनके साथ 6 अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी छोड़ दी।
इन नेताओं का कहना है कि AAP अब अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है और इसी वजह से उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया।
दो-तिहाई सांसदों का समर्थन, कानूनी रूप से सुरक्षित कदम
रिपोर्ट्स के मुताबिक AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद इस फैसले में शामिल हैं, जो दो-तिहाई संख्या बनती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में यह “विलय” माना जाएगा, जिससे इन सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।
AAP में बढ़ती अंदरूनी कलह
इस पूरे घटनाक्रम ने AAP के भीतर चल रहे मतभेदों को उजागर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व और राघव चड्ढा के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो आखिरकार इस बड़े राजनीतिक फैसले में बदल गया।
राजनीतिक असर क्या होगा?
- AAP को राज्यसभा में बड़ा नुकसान
- BJP को राजनीतिक बढ़त
- दिल्ली और पंजाब की राजनीति पर असर
- AAP की विचारधारा पर सवाल
निष्कर्ष
राघव चड्ढा और अन्य सांसदों का AAP छोड़कर BJP में जाना भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
अन्ना हजारे का बयान इस घटनाक्रम को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि यह सीधे AAP की जड़ों और विचारधारा पर सवाल खड़ा करता है।
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