दिल्ली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसी बीच, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि AAP अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है।
दो-तिहाई सांसदों के समर्थन का दावा
Raghav Chadha ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के 10 सांसदों में से दो-तिहाई से अधिक उनके साथ हैं।
उनके मुताबिक, इन सांसदों ने लिखित रूप में समर्थन दिया है और संबंधित दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंपे जा चुके हैं।
ये नेता बताए गए समर्थन में शामिल
चड्ढा के अनुसार, उनके साथ आने वाले नेताओं में ये प्रमुख नाम शामिल हैं:
- Raghav Chadha (पंजाब)
- Sandeep Pathak (पंजाब)
- Ashok Kumar Mittal (पंजाब)
- Harbhajan Singh (पंजाब)
- Vikramjit Singh Sahney (पंजाब)
- Swati Maliwal (दिल्ली)
- Rajinder Gupta (पंजाब)
BJP में विलय का संकेत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Raghav Chadha ने कहा कि इन सांसदों के समर्थन के आधार पर AAP के एक बड़े गुट के BJP में विलय की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम राजनीतिक स्थिरता और नई दिशा के लिए उठाया जा रहा है।
सियासी हलचल तेज
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
एक तरफ, AAP के भीतर संभावित टूट की स्थिति बनती दिख रही है।
वहीं दूसरी तरफ, BJP के साथ संभावित विलय ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
आगे क्या?
अब नजर इस बात पर है कि:
- राज्यसभा के सभापति इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं
- AAP नेतृत्व इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है
- और क्या यह विलय औपचारिक रूप लेता है
निष्कर्ष
Raghav Chadha का इस्तीफा और उनके दावे भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकते हैं।
अगर यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका असर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
