एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे के बाद ‘चाय-बिस्किट’ बिल पर बवाल

118 0

अहमदाबाद में राहत कार्य के दौरान ₹16.74 लाख के रिफ्रेशमेंट खर्च को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

12 जून 2025 को हुआ Air India Flight 171 crash देश के सबसे दर्दनाक विमान हादसों में से एक बन गया। अहमदाबाद में हुआ यह हादसा उस समय और भयावह हो गया जब विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर से टकरा गया। इस त्रासदी में विमान में सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों समेत 260 से अधिक लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद कई दिनों तक रेस्क्यू और मलबा हटाने का काम जारी रहा।

राहत कार्य के खर्च को लेकर सामने आया नया विवाद

अब इस हादसे से जुड़ा एक नया मुद्दा चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Ahmedabad Municipal Corporation ने राहत और सफाई अभियान के दौरान कर्मचारियों और रेस्क्यू टीमों के लिए रिफ्रेशमेंट पर करीब ₹16.74 लाख के खर्च को मंजूरी दी है। इस खर्च में चाय, बिस्किट, दूध और पैकेज्ड पानी जैसी चीजें शामिल बताई जा रही हैं।

जैसे ही यह जानकारी सामने आई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कैसे बना इतना बड़ा बिल?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे के बाद लगभग 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, फायर ब्रिगेड कर्मी, मेडिकल स्टाफ और अन्य राहतकर्मी लगातार कई दिनों तक मौके पर तैनात रहे। अगर करीब 30 दिनों तक प्रतिदिन तीन बार रिफ्रेशमेंट दिया गया हो, तो कुल मिलाकर लगभग 45,000 सर्विंग बनती हैं।

यदि एक सर्विंग की कीमत औसतन 30–35 रुपये मानी जाए, तो कुल खर्च लगभग 15 से 16 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। प्रशासन का कहना है कि यह खर्च राहतकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोग इस खर्च को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बाद इस तरह का खर्च “अत्यधिक” लगता है और इसकी पारदर्शिता होनी चाहिए।

दूसरी ओर, कुछ लोगों का तर्क है कि बड़े आपदा राहत अभियानों में सैकड़ों कर्मचारियों के लिए लगातार भोजन और पेय की व्यवस्था करना जरूरी होता है, इसलिए खर्च का आंकड़ा बड़ा दिखाई दे सकता है।

पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग

इस पूरे मामले ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन में खर्च की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अगर प्रशासन पूरी आइटम-वाइज बिलिंग और अवधि की जानकारी सार्वजनिक कर दे, तो विवाद काफी हद तक कम हो सकते हैं।

फिलहाल, हादसे की जांच और राहत कार्य से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा जारी है। लेकिन इतना तय है कि Air India Flight 171 crash जैसी त्रासदी ने देश को गहरे सदमे में डाल दिया था—और अब उससे जुड़ा हर फैसला सार्वजनिक जांच के दायरे में आ रहा है।

Related Post

India emergency alert system test message on mobile screen

देशभर में ‘इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम’ का सफल ट्रायल, लाखों मोबाइल पर पहुंचा मैसेज

Posted by - May 2, 2026 0
भारत सरकार ने शुक्रवार को देशभर में इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (Emergency Alert System) का बड़े पैमाने पर सफल परीक्षण किया।…

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026: समानता, सम्मान और सशक्तिकरण की ओर बढ़ता कदम

Posted by - March 8, 2026 0
महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्षों को सम्मान देने का दिन हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *