पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को हो रही है। यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी के साथ पूरे राज्य की सभी 294 सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस चरण में राजनीतिक मुकाबला खासतौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच बेहद तीखा है।
दूसरे चरण में कितनी सीटों पर मतदान?
दूसरे और अंतिम चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। इन सीटों में कोलकाता सहित कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं, जो राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और निर्णायक माने जाते हैं।
इस चरण में करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं और 1,400 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं।
Bhabanipur बना सबसे बड़ा रणक्षेत्र
इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर (Bhabanipur) है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। यह मुकाबला पूरे चुनाव का सबसे प्रतिष्ठित और प्रतीकात्मक चुनाव बन गया है।
इसके अलावा कई अन्य सीटों पर भी बड़े नेता और सेलिब्रिटी उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
वोटिंग प्रतिशत और माहौल
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं और लोग बढ़-चढ़कर वोट डालने पहुंचे।
- सुबह 9 बजे तक लगभग 18% मतदान हुआ
- दोपहर 2 बजे तक यह बढ़कर करीब 60% से अधिक पहुंच गया
मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
इस चरण को लेकर राज्य को सुरक्षा के लिहाज से किले में बदल दिया गया है:
- 2.3 लाख से ज्यादा केंद्रीय बल (CAPF) तैनात
- हजारों राज्य पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर
- संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
इसके अलावा, मतदान से पहले हजारों लोगों पर कार्रवाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
सार्वजनिक छुट्टी और व्यवस्था
मतदान वाले क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और कई दफ्तर बंद रखे गए हैं ताकि लोग आसानी से वोट डाल सकें। आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल जारी हैं।
नेताओं की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की है, खासकर युवाओं और महिलाओं से आगे आकर लोकतंत्र में भागीदारी निभाने को कहा।
आगे क्या?
- मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे
- सभी चरणों के बाद मतगणना होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का दूसरा चरण निर्णायक मोड़ पर है। 142 सीटों पर हो रही यह वोटिंग न सिर्फ राज्य की सत्ता तय करेगी, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। कड़ी सुरक्षा, हाई-प्रोफाइल मुकाबले और भारी मतदान इस चरण को बेहद अहम बना रहे हैं।
