राजपाल यादव सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अपने लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस दौरान अभिनेता ने Ata Pata Laapata से हुए आर्थिक नुकसान और अपनी परेशानियों का जिक्र किया। कोर्ट ने ₹1.15 करोड़ के भुगतान पर संज्ञान लेते हुए बाकी रकम जमा करने के लिए उन्हें समय दिया।
₹5 करोड़ के विवाद से जुड़ा है मामला
यह कानूनी विवाद 2010 के उस वित्तीय समझौते से जुड़ा है, जिसके तहत राजपाल यादव ने अपनी फिल्म Ata Pata Laapata के लिए करीब ₹5 करोड़ लिए थे। बाद में रकम लौटाने को लेकर विवाद हुआ और चेक बाउंस मामलों ने कानूनी रूप ले लिया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने कहा कि पिछले 13 वर्षों में उन्हें ₹200-250 करोड़ तक का नुकसान हुआ है। उन्होंने Ata Pata Laapata में करीब ₹17 करोड़ डूबने का भी दावा किया। अभिनेता के मुताबिक, फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज किया जाना था, लेकिन वह सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सकी।
CJI ने कहा- अच्छी फिल्म बनाइए
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राजपाल यादव से पूछा कि क्या वह कोई नई फिल्म बना रहे हैं। इसके बाद CJI ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाने और दर्शकों का फिर से मनोरंजन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे अभिनेता अपनी छवि दोबारा बनाने में मदद मिलेगी।
राजपाल यादव ने इस दौरान अपने लंबे कानूनी संघर्ष पर आधारित फिल्म का नाम ‘Solah Sawan Jhel Ke’ रखने की बात भी कही।
₹2 करोड़ जमा करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की ओर से जमा किए गए ₹1.15 करोड़ को रिकॉर्ड पर लिया। बाकी ₹85 लाख एक संभावित खरीदार द्वारा जमा किए जाने हैं। कोर्ट ने भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की राहत पर विचार करने की बात कही है।
मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
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