गुरुग्राम, 21 अप्रैल 2026: शहर के सुशांत लोक फेज 1 स्थित गैलरिया रोड पर सोमवार को एक बड़ा हादसा तब होते-होते टला, जब एक महिला प्रोफेसर की कार सड़क के बीचों-बीच खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी। यह घटना इलाके में नगर निगम और विकास प्राधिकरण की घोर लापरवाही को उजागर करती है।
अचानक धंसी कार, मची अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, एक निजी विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अपने घर रिजवुड एस्टेट लौट रही थीं। जैसे ही उनकी कार गैलरिया रोड पर पहुंची, अचानक वह एक बड़े और खुले गड्ढे में जा गिरी। आसपास मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रोफेसर को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया।
लोगों ने दिखाई सूझबूझ
काफी मशक्कत के बाद राहगीरों ने प्रोफेसर को गड्ढे से बाहर निकालने में सफलता पा ली। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में प्रोफेसर को कोई चोट नहीं आई, हालांकि उनकी कार को काफी नुकसान पहुंचा है।
महीनों से खुला पड़ा था गड्ढा
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यह गड्ढा कई महीनों से खुला पड़ा था। न तो इसके चारों ओर कोई बैरिकेडिंग थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या लाइटिंग की व्यवस्था थी। नागरिकों का कहना है कि गुरुग्राम के सबसे संपन्न इलाकों में से एक में स्थित इस व्यस्त सड़क को प्रशासन ने खतरे का केंद्र बना दिया था।
प्रशासन के खिलाफ होगी शिकायत
प्रोफेसर ने इस घोर लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में पुलिस, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और नगर निगम में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगी। साथ ही, वह इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगी।
नागरिकों में रोष
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से जानमाल का नुकसान होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन बावजूद इसके हालात में सुधार नहीं हो रहा है। लोगों ने मांग की है कि सभी खतरनाक गड्ढों को तुरंत भरा जाए या उनके चारों ओर उचित सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
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