हरियाणा के गुरुग्राम में नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव एक बार फिर टल गए हैं। यह चुनाव 30 अप्रैल को होने थे, लेकिन मेयर की गैरमौजूदगी के कारण बैठक नहीं हो सकी।
Municipal Corporation of Gurugram की विशेष हाउस मीटिंग इस चुनाव के लिए बुलाई गई थी, जिसमें 36 में से 32 पार्षद मौजूद भी थे। लेकिन मेयर राज रानी मल्होत्रा के बैठक में शामिल न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
क्यों टला चुनाव?
- मेयर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बैठक में हिस्सा नहीं लिया
- मेयर की अनुपस्थिति में चुनाव कराना संभव नहीं था
- इस कारण डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव फिर टल गया
पहले भी हो चुकी है देरी
यह पहली बार नहीं है जब यह चुनाव टला हो।
- पिछले कई महीनों से इन पदों पर चुनाव में देरी हो रही है
- मामला कोर्ट तक भी पहुंच चुका है
- हाईकोर्ट ने भी समय पर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे
क्यों अहम हैं ये पद?
- डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर नगर निगम के महत्वपूर्ण पद होते हैं
- इनके बिना प्रशासनिक फैसलों और विकास कार्यों पर असर पड़ता है
- निगम की कार्यप्रणाली पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाती
आगे क्या?
अब इस चुनाव के लिए नई तारीख जल्द घोषित की जा सकती है।
हालांकि, बार-बार हो रही देरी से स्थानीय प्रशासन और राजनीति दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निष्कर्ष
गुरुग्राम में डिप्टी मेयर चुनाव का बार-बार टलना यह दिखाता है कि नगर निगम के अंदर प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। अब सबकी नजर नई तारीख और आगे की प्रक्रिया पर टिकी है।
