मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। जंतर-मंतर SIR विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र नेता और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।
नेहा बोरा और योगेंद्र यादव समेत कई लोग हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और दीपांकर भट्टाचार्य शामिल थे। प्रदर्शन का आह्वान AISA ने किया था।
प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की। साथ ही चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए गए। ये आरोप और मांगें प्रदर्शनकारियों की ओर से की गईं।
पुलिस ने बताई हिरासत की वजह
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के कारण पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध था। पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग भी की थी।
प्रदर्शनकारियों के जुटने के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में भेजा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
SIR को लेकर जारी है विवाद
जंतर-मंतर SIR विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों तथा नागरिक समूहों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। चुनाव आयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रदर्शनकारियों के आरोपों और मांगों को लेकर बहस जारी है।
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