Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार, 25 सितंबर को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे और कार्रवाई की मांग उठाई। दिल्ली से लेकर पंजाब, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में विरोध दर्ज किया गया।
कई राज्यों में प्रदर्शन, कुछ जगह पुलिस से टकराव
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर चुनाव आयोग के कार्यालयों की ओर मार्च करने की कोशिश की। दिल्ली में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की ओर मार्च किया, जबकि चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। कुछ अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। पंजाब में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग के साथ प्रदर्शन किया।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
विरोध की मुख्य वजह मतदाता सूची के Special Intensive Revision को लेकर उठा विवाद है। यह मामला उस रिपोर्ट के बाद और चर्चा में आया जिसमें चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
कांग्रेस इन घटनाक्रमों को लेकर ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए फैसलों और मतदाता सूची में बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा चाहती है। पार्टी ने गिरफ्तारी और पद से हटाने की मांग भी दोहराई है।
चुनाव आयोग का क्या कहना है?
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष द्वारा लगाए गए मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि पिछले एक साल में तीनों चुनाव आयुक्तों द्वारा लिए गए फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं और अलग-अलग टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है और कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
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