देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भारी बारिश की तस्वीरें सामने आ रही हैं, लेकिन India Monsoon Rainfall Deficit के आंकड़े मानसून की दूसरी तस्वीर दिखाते हैं। 1 जून से 10 अगस्त के बीच कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सामान्य के मुकाबले काफी कम बारिश हुई है।
किन राज्यों में कम बरसे बादल?
Aaj Tak की रिपोर्ट में मौसम विभाग के आंकड़ों के आधार पर बताया गया है कि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और राजस्थान सहित कई इलाकों में बारिश की कमी देखने को मिली है। हालांकि हर राज्य में स्थिति एक जैसी नहीं है और जिलावार बारिश में बड़ा अंतर हो सकता है।
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी मानसूनी बारिश उम्मीद से कमजोर रही है। यानी देश के किसी हिस्से में बाढ़ आने का अर्थ यह नहीं कि पूरे मानसून सीजन में उस राज्य या देशभर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
मानसून के दौरान बारिश का स्थान और समय भी महत्वपूर्ण होता है। कुछ दिनों में अत्यधिक बारिश कुल आंकड़ा बढ़ा सकती है, जबकि लंबे dry spells खेती और जल उपलब्धता को प्रभावित कर सकते हैं।
मानसून 2026 के लिए पहले ही था कम बारिश का अनुमान
IMD ने मई के अंत में जारी पूर्वानुमान में 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई थी। उत्तर-पश्चिम भारत में below-normal rainfall की संभावना 46%, मध्य भारत में 43% और दक्षिणी प्रायद्वीप में 45% बताई गई थी।
मौसम विभाग ने यह भी कहा था कि कम मौसमी बारिश से खेती, पानी की उपलब्धता, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण और कृषि के लिए contingency planning महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल मानसून सीजन खत्म नहीं हुआ है। अगस्त और सितंबर की बारिश अंतिम तस्वीर बदल सकती है। ऐसे में India Monsoon Rainfall Deficit का वास्तविक असर पूरे सीजन के आंकड़े सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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