29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 142 सीटों पर मतदान हुआ। यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की सत्ता का भविष्य तय होना है।
इस चरण में करीब 3.2 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालने के पात्र थे और 1400 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और कई इलाकों में लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे लोगों का उत्साह साफ दिखा।
मतदान प्रतिशत
- सुबह 9 बजे तक करीब 18% वोटिंग दर्ज हुई
- दोपहर तक मतदान तेजी से बढ़ा
- शाम 5 बजे तक 89.99% मतदान दर्ज किया गया
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल मतदान 90%+ के आसपास पहुंचा, जो रिकॉर्ड स्तर की भागीदारी को दिखाता है।
सुरक्षा और माहौल
मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। कई जगहों पर केंद्रीय बलों की मौजूदगी रही, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तनाव और छिटपुट हिंसा की खबरें भी सामने आईं, लेकिन ज्यादातर जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
मुख्य मुकाबला
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला
- तृणमूल कांग्रेस (TMC)
- भारतीय जनता पार्टी (BJP)
के बीच माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी जैसे बड़े नेता भी इस चरण में मैदान में थे, खासकर भवानीपुर सीट पर यह मुकाबला काफी हाई-प्रोफाइल माना गया।
क्यों है यह चरण खास?
- यह अंतिम चरण है, इसलिए नतीजों की दिशा तय करेगा
- दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे अहम क्षेत्र इसमें शामिल हैं
- हाई वोटिंग प्रतिशत से संकेत मिलते हैं कि जनता बदलाव या समर्थन के मूड में है
आगे क्या?
- वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी
- उसी दिन साफ हो जाएगा कि बंगाल में किसकी सरकार बनेगी
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का दूसरा चरण बेहद अहम रहा, जिसमें रिकॉर्ड स्तर की वोटिंग और कड़ी राजनीतिक टक्कर देखने को मिली। अब सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
