भारत के लिए एक बेहद अहम और उम्मीद भरी खबर सामने आई है।
दुर्लभ पक्षी Great Indian Bustard यानी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का पिछले एक दशक में पहला चूजा पैदा हुआ है। यह खबर सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए राहत और खुशी की बात मानी जा रही है।
क्यों खास है यह खबर?
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड दुनिया की सबसे संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों में शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में अब इस पक्षी की संख्या 150 से भी कम बची है। ऐसे में एक नए चूजे का जन्म इस प्रजाति के लिए नई उम्मीद की किरण बन गया है।
बताया जा रहा है कि गुजरात के जंगलों में पिछले 10 साल में यह पहला चूजा पैदा हुआ है। लेकिन इस चूजे को बचाना आसान नहीं है, क्योंकि इसके पहले महीने को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।
चूजे की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए 50 से ज्यादा कर्मचारी
वन विभाग इस चूजे की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि इसके लिए 50 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
इनमें शामिल हैं:
फील्ड स्टाफ
सहायक वन संरक्षक
उप वन संरक्षक
और कई अनुभवी कर्मचारी
ये सभी कर्मचारी तीन शिफ्टों में 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं, ताकि चूजे को किसी भी तरह का खतरा न हो।
हर पल नजर रखी जा रही है
चूजे की सुरक्षा के लिए वॉच टावरों पर दूरबीन और स्पॉटिंग स्कोप लगाए गए हैं। वनकर्मी हर पल उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। खास तौर पर जंगली जानवरों, मौसम और इंसानी गतिविधियों से चूजे को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।
क्यों खतरे में है Great Indian Bustard?
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की संख्या तेजी से घटने के पीछे कई वजहें मानी जाती हैं:
बिजली की हाई टेंशन लाइनों से टकराना
घास के मैदानों का कम होना
इंसानी गतिविधियों का बढ़ना
और शिकार का खतरा
इसी वजह से इस पक्षी को दुनिया की सबसे संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल किया गया है।
उम्मीद की नई शुरुआत
10 साल के लंबे इंतजार के बाद इस नन्हे चूजे का जन्म सिर्फ एक अच्छी खबर नहीं, बल्कि इस प्रजाति के भविष्य के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। अगर यह चूजा सुरक्षित बड़ा होता है, तो आने वाले समय में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हो सकती है।
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