CBSE का नया नियम 2026 से लागू: दो बार परीक्षा का मौका और 75% अटेंडेंस जरूरी

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नई दिल्ली :केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) भारत के स्कूली शिक्षा का प्रमुख बोर्ड है। सीबीएसई ने 2026 से बोर्ड में कुछ बदलाव किये है जिससे उन्होंने अपने ऑफिसियल वेबसाइट पर पोस्ट किया है। भारत के अंदर और बहार बहुत से ऐसे स्कूल है जोकि इससे अफलिसिएटेड (Affliciated) है। सीबीएसई का मुख्य लक्ष्य शिक्षण संस्थानों का संचालन अधिक प्रभावी बनाना और विद्यार्थियों की शैक्षिक जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहना है। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड एक्साम्स के लिए केटी बड़े बदलाव किये है जो 2026 से लागु हो जायेंगे। आइए जानते है वोह क्या नियम है

सीबीएसई ने जारी किया नोटिफिकेशन :

जिन छात्रों का पहली परीक्षा में परिणाम कम्पार्टमेंट आता है, वे दूसरी परीक्षा कम्पार्टमेंट श्रेणी में दे सकेंगे। दसवीं कक्षा पास करने के बाद अतिरिक्त या अकेले विषय लेने की अनुमति नहीं होगी। खेलों में भाग लेने वाले छात्र उन विषयों की दूसरी परीक्षा दे सकते हैं जिनकी तिथि उनके खेल आयोजन से टकराती है। विंटर बाउंड स्कूलों के छात्रों को पहली या दूसरी परीक्षा में से किसी एक को चुनने का विकल्प मिलेगा। दिव्यांग छात्रों को दोनों परीक्षाओं में समान सुविधाएँ दी जाएंगी।

मुख्य परीक्षा से पहले केवल एक बार आंतरिक मूल्यांकन होगा। पहली परीक्षा फरवरी के मध्य में और दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी। दूसरी परीक्षा के लिए अलग एलओसी भरनी होगी, इसमें नए नाम या विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। पहली परीक्षा का परिणाम अप्रैल में और दूसरी का जून में आएगा। मुख्य परीक्षा का विवरण डिजिलॉकर पर उपलब्ध होगा और इसे 11वीं में प्रवेश के लिए उपयोग किया जा सकेगा। दूसरी परीक्षा के बाद सभी छात्रों को पास और मेरिट सर्टिफिकेट मिलेंगे।

मुख्य परीक्षा में असफल छात्रों को कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश मिलेगा, जो दूसरी परीक्षा के परिणाम पर निर्भर करेगा। सभी स्कूलों को निर्देश है कि दो परीक्षा नीति की जानकारी छात्रों और अभिभावकों को दें तथा सही डेटा के साथ समय पर एलओसी भरें। पहली बोर्ड परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। पास छात्र तीन विषयों तक सुधार दे सकेंगे, जबकि कम्पार्टमेंट वाले दूसरी परीक्षा उसी श्रेणी में देंगे। खेलों, शीतकालीन स्कूलों और दिव्यांग छात्रों को विशेष सुविधा मिलेगी। दोनों परीक्षाएँ पूरे पाठ्यक्रम पर होंगी और योजना समान रहेगी। एलओसी भरना ज़रूरी है, दूसरी परीक्षा के लिए अलग एलओसी होगी, लेकिन नए नाम नहीं जोड़े जाएंगे।

75% अटेंडेंस होगी कंपल्सरी

2026 में जो भी छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं की परीक्षा देंगे उन्हें कमसे-कम 75% अटेंडेंस लगाना जरुरी है। अगर कोई छात्र -छात्रा की अटेंडेंस पूरी नहीं हुई तो उसे परीक्षा में नई बैठने दिया जायेगा। सीबीएसई ने अपनी नोटिस में इसका भी ज़िक्र किया है। 75% अटेंडेंस को इंटरनल अस्सेस्मेंट से जुड़ी हुई है। इंटरनल असेसमेंट सिर्फ एक या दो परीक्षाओं का नहीं होगा, बल्कि पूरे दो वर्षों की पढ़ाई, क्लासवर्क, प्रोजेक्ट आदि को मिलाकर किया जाएगा। सीबीएसई से स्पश्ट किया है की 9-10 को एक ब्लॉक और 11-12 को दूसरी ब्लॉक में रखा जायेगा। इसका मतलब यह है की पूरी ब्लॉक के समय अटेंडेंस पूरी होनी जरुरी है और इंटरनल्स में शामिल होना जरुरी है। यदि किसी छात्र को किसी विषय में कंपार्टमेंट देनी है, तो भी उसकी 75 प्रतिशत अटेंडेंस और इंटरनल मार्क्स पूरे होने चाहिए। अधूरे आंतरिक मूल्यांकन या उपस्थिति की वजह से किसी विषय में छात्र को अतिरिक्त विषय की परीक्षा देते समय “प्राइवेट कैंडिडेट” माना जाएगा।

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