गुरुग्राम में बिजली संकट, 50 हजार से ज्यादा घरों पर असर
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली सप्लाई प्रभावित होने से 50 हजार से ज्यादा घरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बिजली कटौती के कारण पानी की सप्लाई और कारोबार पर भी असर पड़ा।
बताया जा रहा है कि शहर के करीब 50 इलाकों में बिजली संकट देखने को मिला। इसका असर घरों के साथ-साथ दुकानों और फैक्ट्रियों पर भी पड़ा।
क्यों हड़ताल कर रहे हैं बिजली कर्मचारी?
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की मुख्य वजह निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने का फैसला है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने Eleven Power नाम की कंपनी को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस दिया है।
कर्मचारी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि बिजली वितरण में निजी कंपनी के आने से उनकी नौकरियों और सेवा शर्तों पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
फैक्ट्रियों और कारोबार पर भी असर
गुरुग्राम एक बड़ा औद्योगिक और कारोबारी केंद्र है। यहां बिजली की सप्लाई प्रभावित होने से कई कारोबारियों और फैक्ट्री संचालकों को परेशानी हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1,800 औद्योगिक इकाइयों के कामकाज और उत्पादन पर असर पड़ा। बिजली की कमी से उन कामों में रुकावट आई, जो मशीनों और बिजली से चलने वाले उपकरणों पर निर्भर हैं।
सरकार ने क्या कहा?
इस मामले में हरियाणा सरकार ने आयोग के फैसले को चुनौती देने की बात कही है। वहीं, राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की।
अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में मदद मिल सकती है।
लोगों को बिजली बहाल होने का इंतजार
बिजली संकट के कारण लोगों को घरेलू कामकाज, पानी की सप्लाई और दूसरे जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ा। कारोबारियों के लिए भी बिजली की कमी चिंता का विषय बनी हुई है।
फिलहाल, लोगों को बिजली सप्लाई सामान्य होने का इंतजार है। इस विवाद का समाधान कब निकलेगा और हड़ताल कब खत्म होगी, यह आने वाले अपडेट से साफ होगा।
