अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने बर्थराइट सिटिजनशिप (जन्म से नागरिकता) को लेकर एक ऐसा पोस्ट साझा किया है, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट को रीशेयर किया, जिसमें अमेरिका की मौजूदा नागरिकता नीति की आलोचना की गई थी। इस पोस्ट में दावा किया गया कि कुछ लोग अमेरिका में बच्चों के जन्म के जरिए नागरिकता हासिल कर लेते हैं और बाद में अपने परिवार को भी वहां लाने की कोशिश करते हैं। इसी संदर्भ में भारत और चीन का जिक्र करते हुए अपमानजनक टिप्पणी की गई।
बर्थराइट सिटिजनशिप पर पुराना विवाद
अमेरिका में बर्थराइट सिटिजनशिप का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। ट्रंप पहले भी इस नीति का विरोध करते रहे हैं और इसे बदलने की वकालत करते आए हैं। उनका मानना है कि मौजूदा व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि उनके विरोधी इसे संविधान द्वारा दिया गया मौलिक अधिकार बताते हैं।
राजनीतिक रणनीति या विवाद?
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति को मजबूत दिखाने और अपने समर्थकों को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। हाल ही में उनकी लोकप्रियता को लेकर भी चर्चा चल रही है, ऐसे में यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
बयान पर बढ़ी नाराज़गी
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे नस्लीय और अपमानजनक करार दिया है, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे इमिग्रेशन नीति पर सख्त रुख बताया है।
आगे क्या?
बर्थराइट सिटिजनशिप को लेकर अमेरिका में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई भी हो चुकी है और आने वाले समय में इसका बड़ा असर अमेरिकी राजनीति पर पड़ सकता है।
