दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के बीच भारत सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला स्पेशल एक्साइज टैक्स कम कर दिया है ताकि जनता पर महंगाई का बोझ न बढ़े।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस वजह से भारत की तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था। फिर भी सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए।
अब सरकार ने टैक्स घटाकर इन कंपनियों को राहत देने का फैसला किया है।
पेट्रोल और डीजल पर कितना कम हुआ टैक्स?
सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इसके बाद:
- पेट्रोल पर अब कुल एक्साइज ड्यूटी काफी कम हो गई है
- डीजल पर भी टैक्स में बड़ी राहत दी गई है
इसका मतलब यह है कि सरकार ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा छोड़ दिया ताकि आम लोगों को महंगे पेट्रोल-डीजल का झटका न लगे।
कीमतें क्यों नहीं घटाई गईं?
लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टैक्स कम हुआ तो पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं हुआ?
सरकार के अनुसार, यह कटौती सीधे तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए की गई है। अभी अंतरराष्ट्रीय कीमतें बहुत ज्यादा हैं और कंपनियों को हर लीटर पर नुकसान हो रहा है। अगर टैक्स कम नहीं किया जाता तो कंपनियों को मजबूर होकर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़ते।
डीजल और एटीएफ के एक्सपोर्ट पर भी लगाया टैक्स
सरकार ने डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) के एक्सपोर्ट पर भी ड्यूटी लगा दी है। इसका मकसद साफ है – पहले देश की जरूरत पूरी हो, उसके बाद ही बाहर भेजा जाए।
सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्री का क्या कहना है?
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम 30% से 50% तक बढ़ चुके हैं, लेकिन भारत में सरकार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि देश में किसी तरह का लॉकडाउन नहीं होने वाला और ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।
प्रधानमंत्री की अगुवाई में लिया गया फैसला
सरकार का कहना है कि Narendra Modi के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है ताकि आम लोगों और उद्योगों को महंगाई से बचाया जा सके।
लोगों के लिए क्या मतलब है?
- पेट्रोल-डीजल अभी महंगा नहीं होगा
- देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है
- सरकार और तेल कंपनियां मिलकर नुकसान झेल रही हैं
यानी फिलहाल आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा आर्थिक बोझ खुद उठाया है।
