सीनियर महिला राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप (राजमाता जीजाबाई ट्रॉफी) का शुभारंभ

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Senior Women’s National Football Championship (Rajmata Jijabai Trophy) kicks off 

नई दिल्ली/पुणे, 26 सितंबर 2025 – भारत की प्रमुख महिला फुटबॉल प्रतियोगिता सीनियर महिला राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप 2025, जिसे राजमाता जीजाबाई ट्रॉफी के नाम से जाना जाता है, इस सप्ताह बड़े उत्साह के साथ शुरू हो गई। इस टूर्नामेंट में देशभर की सर्वश्रेष्ठ महिला फुटबॉल प्रतिभाएं हिस्सा ले रही हैं और यह एक महीने तक चलने वाले प्रतिस्पर्धी और मनोरंजक खेल का मंच बनेगा।

उद्घाटन समारोह और स्थल

इस वर्ष का उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, पुणे में हुआ, जिसमें फुटबॉल अधिकारी, खिलाड़ी और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। यह टूर्नामेंट ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) द्वारा आयोजित किया गया है और इसे राजमाता जीजाबाई की स्मृति में नामित किया गया है, जो साहस और प्रेरणा का प्रतीक मानी जाती हैं।

उद्घाटन समारोह में AIFF के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा:

“यह चैंपियनशिप महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का एक मंच प्रदान करती है। हमें गर्व है कि पूरे भारत से टीमें इसमें भाग ले रही हैं।”

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सभी टीमों का झंडा मार्च और पिछले चैम्पियनों को सम्मानित करने की परंपरा शामिल रही।

भाग लेने वाली टीमें

इस वर्ष कुल 28 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, मणिपुर, ओड़िशा, पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु शामिल हैं।

परंपरागत रूप से मजबूत टीमों में मणिपुर, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा शामिल हैं, जिन्होंने पिछले संस्करणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसी टीमों ने भी मजबूत तैयारी की है और वे पदक की उम्मीद लगाए बैठी हैं।

टूर्नामेंट का प्रारूप

चैंपियनशिप ग्रुप स्टेज फॉर्मेट के अनुसार आयोजित होगी। टीमों को समूहों में बांटा जाएगा और वे राउंड-रॉबिन मैच खेलेंगी। हर समूह की शीर्ष दो टीमें क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेंगी। उसके बाद सेमीफाइनल और ग्रैंड फाइनल के जरिए विजेता टीम का फैसला होगा।

मैच पुणे और आसपास के शहरों के विभिन्न स्टेडियमों में खेले जाएंगे। स्थानीय प्रशासन ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाओं का इंतजाम किया है।

प्रमुख खिलाड़ी

इस वर्ष की चैंपियनशिप में कई उभरती हुई स्टार खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। रितु रानी (हरियाणा), बेम्बेम देवी (मणिपुर) और दुलार मरांडी (झारखंड) अपनी टीमों का नेतृत्व करने वाली प्रमुख खिलाड़ी मानी जा रही हैं।

AIFF अधिकारियों ने बताया कि यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम के लिए चयन मंच के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

“हम हमेशा ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में रहते हैं जो भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर सकें। यह चैंपियनशिप आगामी AFC और FIFA टूर्नामेंट्स के लिए मजबूत टीम बनाने में मदद करेगी,” कहा AIFF महिला समिति की अध्यक्ष शालिनी सिंह ने।

ग्रामीण क्षेत्रों और प्रतिभा विकास

राजमाता जीजाबाई ट्रॉफी ने भारत में महिला फुटबॉल के ग्रामीण और छोटे शहरों में विकास में भी अहम भूमिका निभाई है। कई टीमों ने स्थानीय अकादमियों और फुटबॉल कार्यक्रमों से खिलाड़ियों को शामिल किया है।

इस वर्ष झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसी टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं को टीम में शामिल किया है, जो महिला फुटबॉल के बढ़ते विस्तार को दर्शाता है।

दर्शक सहभागिता और कवरेज

AIFF ने इस संस्करण में दर्शक सहभागिता बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं। सभी मैच AIFF की आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किए जाएंगे, ताकि देशभर के प्रशंसक अपने पसंदीदा टीमों और खिलाड़ियों को देख सकें।

स्थानीय स्कूल और फुटबॉल अकादमियों को भी मैच देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे युवा खिलाड़ी उच्च स्तरीय फुटबॉल का अनुभव ले सकें।

चैंपियनशिप का महत्व

राजमाता जीजाबाई ट्रॉफी भारतीय फुटबॉल कैलेंडर में महत्वपूर्ण महिला फुटबॉल टूर्नामेंट है। यह खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का अवसर देती है।

पिछले संस्करणों ने बेम्बेम देवी, आदिति चौहान और बाला देवी जैसी अंतरराष्ट्रीय स्टार खिलाड़ी पैदा की हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह चैंपियनशिप केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि युवा लड़कियों को पेशेवर फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

भारत में महिला खेलों को बढ़ावा

AIFF अधिकारियों ने कहा कि महिला फुटबॉल चैंपियनशिप लैंगिक समानता और महिला खेलों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।

“हर मैच भारत में महिला खेलों की प्रगति का प्रतीक है। हम महिला खिलाड़ियों को समान अवसर, प्रशिक्षण और अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं,” कहा AIFF सचिव सुनील छेत्री (अधिकारी) ने।

सरकार और खेल संस्थाओं ने फुटबॉल स्कॉलरशिप, प्रशिक्षण शिविर और प्रतिभा पहचान कार्यक्रम जैसी पहलें शुरू की हैं, जिससे महिला फुटबॉल का ढांचा मजबूत हुआ है।

आगे की राह

चैंपियनशिप अगले तीन हफ्तों तक जारी रहेगी और अक्टूबर की शुरुआत में फाइनल मैच खेला जाएगा। दर्शक और विशेषज्ञ मणिपुर, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा जैसी मजबूत टीमों के मुकाबलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

AIFF अधिकारियों ने कहा:

“हमारा लक्ष्य केवल विजेता टीम चुनना नहीं, बल्कि एक नई पीढ़ी की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रेरित करना है जो भारत का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर सकें।”

जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, यह स्पष्ट है कि भारत की महिला फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल है, युवा प्रतिभाएं उभर रही हैं और देश अपनी महिला खिलाड़ियों के पीछे खड़ा है

 

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